Telegram Join our Telegram Channel for Daily Latest News Updates! Join Now ×

दशहरा के दिन पर क्यों देखना चाहिए नीलकंठ इसके पीछे का कारण समझे

आज दशहरे का महापर्व है और आज के दिन पर नीलकंठ देखा जाता है आखिर क्यों देखा जाता है इसका कारण आप इस आर्टिकल को पढ़कर समझेंगे, एक तरफ जहां भगवान भोलेनाथ को नीलकंठ का स्वरूप माना जाता है तो वहीं दूसरी ओर विजय पाने के लिए कुछ इस प्रकार से श्री रामचंद्र जी ने यह कार्य किया था

छत्तीसगढ़। आज 20 अक्टूबर को एक तरफ माता रानी का बिदाई हो रहा है तो वही बुराई पर अच्छाई की जीत दशहरा का महापर्व शाम को रावण दहन कर मनाया जाएगा। पर क्या आप जानते है, आज के दिन नीलकंठ को देखना क्यों शुभ और अच्छा माना जाता है इसके पीछे का क्या कारण है क्या आपको मालूम है?

भगवान शंकर जी से जुड़ा है नीलकंठ पक्षी

आज हम आपको बताएंगे कि आखिर क्यों देखना चाहिए आज के दिन पर नीलकंठ और अगर आपको दिख गए तो समझिए आपको क्या लाभ क्या शुभ और इसके पीछे का कारण समझ में आएगा। देखिए पंचांग के हिसाब से हर वर्ष की तरह आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा का तेवहर मनाया जाता है। जो कि आज है। देखिए हिंदू मान्यताओं के अनुसार आज के दिन दशहरा के पर्व के दिन एक पक्षी जिसका नाम नीलकंठ है उसका दर्शन करना अत्यंत शुभ और अच्छा माना जाता है। आपको बता दे कि हिंदू धर्म में नीलकंठ को भगवान शंकर जी से जुड़ा माना गया है। कुछ ज्योतिषी नीलकंठ का आज के दिन पर दर्शन करना भाग्यशाली और बुराई पर अच्छाई की जीत, विजय का प्रतीक माना गया है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

इसे और अच्छे से समझने के लिए श्री रामचंद्र जी और रावण की इस कथा से समझिए-

बता दे कि रावण पर विजय पाने के लिए भगवान श्री रामचंद्र जी ने युद्ध से पहले नीलकंठ पक्षी का दर्शन किया था। इसके पश्चात ही भगवान श्री राम ने रावण का वध किया थे और विजय प्राप्त किया हुआ था। वहीं दूसरी ओर जैसे कि हमने पहले बताया था कि नीलकंठ को भगवान शंकर जी से जुड़ा माना जाता है, नीलकंठ को भोलेनाथ जी का स्वरूप माना जाता है, बता दें कि जब समुद्र मंथन हुआ था उसे समय जितना भी विश निकला था उसे भगवान भोलेनाथ ने विषपान किया था। जिसके बाद भगवान शंकर जी का कंठ नीला पड़ गया था, इसके पश्चात ही उनका नाम नीलकंठ पड़ा।

हमारी पौराणिक मान्यताएं यह कहती है कि अगर आपको नीलकंठ पक्षी का दर्शन हो जाता है तो आपके समस्त पाप नाश हो जाते हैं और यहां पर यह कहा गया है कि आज के दिन पर नीलकंठ पक्षी देखना किसी वरदान से कोई कम नहीं है! जो भी व्यक्ति आज के दिन पर दर्शन करता है वह अपने कार्यों पर विजय प्राप्त करता है इन मान्यताओं के चलते तमाम हिंदू धर्म के लोग आज के दिन पर नीलकंठ को देखने के लिए अलग-अलग जंगलों क्षेत्रीय इलाकों पर भ्रमण करते दिखाई देते हैं।

लोग सुबह से निकल जाते है दर्शन करने

वही आगे कथाओं में यह वर्णन देखने को मिलता है कि जब भगवान श्री रामचंद्र ने रावण का वध किया था तब भगवान श्री राम पर ब्राह्मण हत्या का पाप लग गया था। तभी भगवान भोलेनाथ ने नीलकंठ का स्वरूप धारण किया जब भगवान श्री रामचंद्र ने नीलकंठ पक्षी को देखा तब उनके सभी पाप खत्म हो गए थे। जिसके बाद से यह प्रथा चली आ रही है कि आज के दिन पर नीलकंठ पक्षी का दर्शन करना अत्यंत शुभ भाग्यशाली होता है। और लोग दर्शन करने के लिए सुबह 4:00 बजे से ही उठकर अपने जंगली क्षेत्रों पर भ्रमण करने निकलते हैं, कुछ लोग आज के समय पर अपने स्टेटस में नीलकंठ पक्षी का फोटो भी डालते है।

📢 विज्ञापन हेतु निवेदन: यदि आपके क्षेत्र से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण स्थानीय खबर, सामाजिक गतिविधि या जनहित से संबंधित जानकारी है, तो कृपया प्रकाशन के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल के साथ साझा करें। विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार हेतु भी आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। मो.6263765321
Was this article helpful?
YesNo
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Editorial Staff

मैं स्वतंत्र पत्रकार हूँ एवं (MY CG NEWS का मुख्य संपादक हूँ) तथा छत्तीसगढ़ की राजनीति, समाज, अपराध व जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के साथ सरल और निष्पक्ष भाषा में पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button