नवरात्रि: धार-धार खड़े त्रिशूल के ऊपर बैठी महिला, घट गई यह घटना
एक महिला जो खूब सोशल मीडिया में वायरल हो रही है कहा जा रहा है कि उन पर देवी शक्ति आई हुई है जो एक खड़े त्रिशूल में बैठ जाती है और नाचने लगती है देखे यह पूरी खबर

भारत। देश में इन दिनों नवरात्रि के पर्व पर अलग-अलग प्रकार के देवी देवताओं मान्यताओं से हम अवगत हो रहे हैं एक ऐसी तस्वीर ने लोगों को हैरानी में डाल रखा है वह तस्वीर है एक खड़े त्रिशूल में बैठी एक महिला का। आश्चर्य की बात यह है कि महिला उस त्रिशूल में बैठकर नाचती दिखाई दे रही है। आस्था तो हमने खूब देखा है पर इस प्रकार की आस्था हमें पहली बार देखा। वही यह कहा जा रहा है कि जो महिला इस त्रिशूल में बैठी है उसके शरीर में देवी आई हुई है।
त्रिशूल पर बैठी महिला की क्या हालत?
जनाब जरा आप सोच कर देखिए कोई महिला ऐसे त्रिशूल में कैसे बैठ सकती है? और वही भगवान की बात करें देवी देवताओं की बात करें तो आखिर इस प्रकार के करतब से आखिर उन्हें क्या प्राप्त हो जाएग। कोई महिला के अगल-बगल कुछ लोग खड़े हुए हैं कुछ लोग महिला को पकड़े हुए हैं वहीं कुछ नीचे त्रिशूल को सीधे किए हुए खड़े किए हुए पकड़े हुए। दूसरी और महिला लोगों का सहारा लेकर के उसे त्रिशूल में सीधा बैठते दिखाई दे रही है।
वीडियो देखकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया!
आपका पता नहीं इस तस्वीर ने हमें तो हैरान कर दिया है, वही यह तस्वीर इंस्टाग्राम की रियल में खूब वायरल होते दिखाई दे रहा है। लोग इस वीडियो को देखकर बातें भी अलग-अलग बना रहे हैं, एक इंस्टाग्राम के यूजर ने लिखा की इंडिया में ही यह सब हो सकता है, एक ने लिखा जरूर नहीं की कीड़ा दांत में ही हो सकता है, एक ने लिखा माफ करना बाद में क्या हुआ होगा, एक ने कहा मानता हूं माता त्रिशूल पर बैठ सकती हैं एक बार हमारे कहने पर भाला पर बैठा दो।
क्या यह तपस्या है या फिर कोई करतब?
तो पढ़ा आपने की किस प्रकार से लोगों की प्रतिक्रिया वीडियो को देखकर आ रही है। जरा इस बात को सोचिए जब वह महिला इस त्रिशूल पर बैठकर के नाचती हुई दिखाई दे रही है जब नाच करके उठी होगी तो आखिर उनका क्या हाल हुआ होगा? वहां के लोगों को भी जरा सोचना चाहिए कि इस प्रकार की करतब करने से क्या वाकई में कुछ मिल पाएगा। या अपने आप को सजा देने का कुछ और यह तरीका है, शायद हम गलत भी हो सकते हैं यह एक मान्यता भी हो सकती है। पर पीड़ा तो जरूर होगी हमें भी और आपको भी क्योंकि इस प्रकार की तस्वीर पीड़ा दया की है।
देखिए अगर इस प्रकार की मान्यता है तो यह मान्यता उचित तो नहीं लग रही क्योंकि इस प्रकार से पीड़ा दायक मान्यता किस काम का। स्पीड से उसे रही महिला वाक्य में क्या बीत रहा होगा! खैर इस खबर पर आपकी क्या राय है आप इस खबर को पढ़कर क्या सोच रहे हैं, इसको लेकर के हमें जरूर बताएं और हमें जरूर फीडबैक दें कि हमारी खबरें आप तक पहुंच रही है तो आप कैसा महसूस कर रहे हैं क्या हमारी पत्रकारता आपको अच्छी लग रही है चाहे सुझाव जैसा भी हो आप जरूर बताइए।



