गौ हत्या के आरोपियों पर निगम की कार्रवाई, मकान टूटे
गौ माता के साथ क्रूरता करने वाले 11 आरोपियों पर नगर निगम की जोरदार कार्रवाई, दुकान क्षतिग्रस्त किया गया। वही वार्डवासी करने लगे मकानों को भी तोड़ने की बात, इसको लेकर नारे बाजी शुरू हो गई।

राजनांदगांव। राजनांदगांव के गौरी नगर इलाके में कल जमकर हंगामा देखा गया। जहां गौ हत्या करने वाले तमाम आरोपियों के दुकानों को क्षतिग्रस्त करते हुए तोड़ा गया। नगर निगम ने यह कार्रवाई पुलिस की मौजूदगी में की। वही इस कार्रवाई के बाद जो हिंदू संगठन के कार्यकर्ता व नेता है उनका कहना था कि आरोपियों के मकानों को भी तोड़ा जाए जिससे उनको सबक मिल सके। गौ माता की दुर्दशा की आहत से चूंचित वार्डवासियों ने JCB का घेराव करते हुए यह मांग किया जा रहा था कि आरोपियों के मकान को तोड़ा जाए।
आक्रोश में दिखे वार्डवासी, JCB को घेरे
इसके चलते करीब तीन घंटे तक लोग जेसीबी के सामने नारे बाजी करते हुए डटे रहे। इसके बाद पूर्व सांसद एवं राजनांदगांव के पूर्व महापौर मधुसूदन यादव मौके पर पहुंचे और वार्डवासियों को समझाइश दी। काफी समझाने के बाद लोग शांत हुए और रास्ता साफ हुआ। बता दें कि 14 अक्टूबर, बुधवार को गौरी नगर क्षेत्र के शीतला मंदिर तालाब में गौवंश का कटा हुआ सिर मिलने से इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी। उसके बाद यह घटना घटित होने के कारण और भी ज्यादा आक्रोश लोगो के बीच देखने को मिला। इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने एक नाबालिग समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया। इसके बाद आज नगर निगम प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में आरोपियों की दुकानों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की।
किराये के मानक में रहते है आरोपी
वही जब आरोपियों के मकानों को तोड़ने की बात सामने आई तो इस पर जिला प्रशासन ने स्पष्ट करते हुए कहा कि आरोपी जिन मकानों में रह रहे थे, वे किराए के मकान हैं। ऐसे में बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के मकानों को तोड़ना संभव नहीं है। इस कार्रवाई के बाद शायद आरोपियों को सबक मिल होगा। इस प्रकार के कृत करने के चलते क्या होता है। कुछ लोगों का कहना है कि इन दिनों गौ माता के साथ बहुत बुरा हो रहा है, यह एक हिंदुओं की आस्था पर आंच आने वाली बात है l
जहां प्रदेश में बीजेपी की सरकार है ऐसे में इस प्रकार की दशा देखना क्या यह उचित है। आरोपियों पर भी कोई उचित कार्रवाई होनी चाहिए जिससे उनको सजा और सबक अच्छे से मिल सके। लगभग 11 लोगो ने ऐसी हारकर को अंजाम दिया है। क्या यह सही है? यह एक घटना तो नहीं है जिससे सांत रहे। शहर में यह दूसरी घटना है जिससे आस्था पर ठेस पहुंची है। सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए ताकि इसपर लगाम लगाया जा सके l
घटना एक नहीं दो, पूर्व में हुई एक और घटना
आखिर इस प्रकार की हरकत ने लोगों को हैरान कर रखा है। वही कई बार ऐसे ही हादसे देखे गए है जिसमें सड़कों पर अवारा मवेशियों के आ जाने के कारण सड़क दुर्घटना हो जाते है इसमें गाय और व्यक्ति दोनों के नुकसान हो जाते है। अबतक यह मामला 404 के आस पास पहुंच गई है। सरकार इस बारे में जरूर सोचना चाहिए इस प्रकार के हादसों से बहुत बड़ा नुकसान होता है।
अब देखना यह होगा कि उन आरोपियों पर किस प्रकार से और क्या कार्रवाई की जाती है और इस सब से उन्हें सबक मिल पाएगा या नहीं! हमारी खबर आपको अच्छी लगी तो हमारी खबरों को पढ़ना जारी रखे। हम आपको ऐसी खबरें पहुंचाते है जिसे बाकी मीडिया में नजरअंदाज कर दिया जाता है l


