अर्नब के प्रकोप को लेकर स्कूलों की छुट्टी, कुम्हार अपने दिये को लेकर परेशान
दिवाली का महापर्व नजदीक है, कुम्हार दियों के निर्माण में लगा है, कुछ मामले अब कुम्हांरो को नुकसान हो गया है क्योंकि सूखे नहीं है। और कुछ दिए तो पानी में ही बारबार कर हो गए पढ़े खबर

छत्तीसगढ़। प्रदेश में चक्रवाती अर्नब ने डर का माहौल पैदा कर दिया है। जगदलपुर, धमतरी , गरियाबंद, रायपुर इसके साथ ही साथ छत्तीसगढ़ राज्य के कई हिस्सों में ‘अर्नब’ का कहर खूब देखने को मिल रहा है। बीते कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। इसके साथ-साथ ठंडी हवाएं भी खूब चल रही हैं। इस बीच मौसम विभाग की चेतावनी और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में कल फिर से स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। वहीं बारिश के चलते किसानों की धान की फसलें भी बर्बाद हो रही है।
अब अर्नब के इस तांडव को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों प्रशासनिक हलचल देखने मिला जहां जिला के तमाम स्कूलों में छुट्टी घोषित हो गया है। पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों अवकाश घोषित किया गया है। जहां 30 तारीख अक्टूबर माह को दुर्ग जिला में कबीरधाम जिला में, रायगढ़ जिला में व प्रदेश के सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र में इसके साथ-साथ जांजगीर-चांपा जिला और सक्ती जिला में प्रशासन ने सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी की सूचना प्राप्त हुई है। संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों ने कलेक्टरों के अनुमोदन से इस संबंध में आदेश को आगे जारी किए गए है। जिसके बाद अब बच्चों के लिए किसी भी प्रकार से चिंता का विषय नहीं बन पाएगा।
जन जीवन अस्त व्यस्त
अर्नब ने इन दो दिनों में जन जीवन को पूरी तरह से तहस नहस कर के रख दिया है। इसके चलते अब लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे है। आगे दिवाली का महापर्व भी सामने है ऐसे में कुम्हार दिया बनाने और सुखाने में लगा हुआ है। और इस बीच इस प्रकार से बेमौसम बारिश होने से कुम्हारों को भी प्रशासनों हो रही है। आप सभी जानते है कि कुम्हारों के घर की रोजी रोटी इन्हीं तेवहरों में बनाए मूर्ति और दिया के बिक्री होने से चलता है। जहां वो ये उम्मीद लगाए बैठे थे कि इस बाद दिया बहुत ज्यादा बिकेगा। उसी हिसाब से दियों का निर्माण कुम्हार करते है पर अर्नब चक्रवात ने कुम्हारों के कमाई में पानी फेर दिया है। जहां कुम्हार हजारों लाखों की संख्यां दियों के निर्माण में लगा है जिसे कुम्हार सुखाने के लिए बाहर जगह बना कर सुखाया गया था।
पर बारिश के। चलते दिये सुख नहीं पाए वही कुछ हजारों की संख्या में दिए बाहर ही बारिश में गिले होकर बर्बाद हो गए। क्योंकि हजारों लाखों की संख्यां में कुम्हार दिये का निर्माण किए है। बारिश के। बचाने के लिए कुम्हारी के पास पर्याप्त स्थान नहीं है जितने भी दिए है उनमें से कई हजारों दिए को घर के अंदर डाल दिया गया है वही यहां बाकी बचे हजारों दिए को पानी में बर्बाद होने के लिए मजबूरन कुम्हार को छोड़ना पड़ गया है।
हमारी खबरें आपको पसंद आए तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब करे। वही आप कौन से जिले से हमारी खबर पढ़ रहे है यह जरूर कमेंट करे। इसके अलावा हमारे चैनल से जुड़ा कोई भी सुझाव देना हो तो भी कमेंट करके आप हमे जानकारी दे सकते हैं।




