छत्तीसगढ़ में इस महापर्व के चलते राष्ट्रपति मुर्मू का होगा आगमन
23 तारीख को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वही जगदलपुर जाकर के बस्तर दशहरा महापर्व के कार्यक्रम में शिरकत करेंगी

रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 तारीख को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगी। द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ पहुंच जगदलपुर पहुंचेंगे जहां वे तमाम आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित कर वहां मौजूद रहेंगी। बता दे के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से पहले आज से कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया जा रहा है। वही देखरेख में मंत्री भी स्वयं लगे हुए हैं। राधे की जगदलपुर में भी कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया जा रहा है।
राष्ट्रपति का पहले भी हो चुका है आगमन
हालांकि यह पहली बार नहीं की द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ आ रही है इससे पूर्व भी कई बार छत्तीसगढ़ आ चुके हैं। उनके आने से छत्तीसगढ़ में कड़ी सुरक्षा का ध्यान रखा जाता है। बता दे की जगदलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जगदलपुर में चल रहे हैं ऐतिहासिक दशहरा महापर्व जिसमें ऐतिहासिक परंपरा मुरिया दरबार में शिरकत करेंगी। यह कार्यक्रम जगदलपुर के सिरहासार भवन में आयोजित होगा। जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शिरकत होगी। वही अपनी वक्ताओं से लोगों को संबोधित भी कर सकती है।
विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा ऐसा होता है
बात करें बस्तर दशहरा की तो यह महापर्व के रूम में मनाया जाता है, जिसकी शुरुवात ही एक अलग तरीके से किया जाता है। बस्तर दशहरा की शुरुआत से पहले लड़कियों को काटा जाता है लड़कियों को काटने से पहले उसकी पूजा किया जाता है जब लड़कियों को काटने तो एक बड़ा रथ बनाया जाता है। वही जब इसकी शुरुआत होती है तो शुरुआत होने से पहले एक देवी से बस्तर दशहरा महापर्व मनाने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ती है। इसके बाद बस्तर दशहरा शुरू होता है।
देवी को बुलाने के लिए विशेष अनुष्ठान
बता दे कि देवी को बुलाने से पहले देवी को मानना पड़ता है, और इसके लिए विशेष पूजा अनुष्ठान की जाती है जिसमें बाजे गाजे के साथ एक नन्ही सी बच्ची को सजाया जाता है बाजे गाजे के साथ उसने नानी की बच्ची के ऊपर देवी का मन होता है फिर देवी के अनुष्ठान के बाद कांटे वाले झूले पर बैठकर बस्तर के राजा को बस्तर दशहरा महापर्व मनाने की अनुमति देती है। ऐसा कहा जाता है कि जो देवी उस नन्ही बच्ची के ऊपर आती है उसे कछिन देवी कहा जाता है। जो उस रात बच्ची के शरीर में प्रवेश कर बस्तर के राजा को अनुमति प्रदान करती है। वही ऐसा कहा जाता है कि अगर कछिन देवी बस्तर दशहरा के महापर्व को मनाने के लिए अगर अनुमति नहीं देती है तो यह महापर्व वही पर रुक जाता है और आगे इस पर्व को नहीं मनाया जाता है।
वैसे इस महापर्व को देखने के लिए न केवल छत्तीसगढ़ के लोग बल्कि देश-विदेश के लोग भी इसे अपने कैमरे पर कैद करने अनुभव करने के लिए जगदलपुर आते है। वहीं जल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन हो रहा है जिसके लिए खूब तैयारी की जा रही है। पिछले वर्ष हुए बस्तर दशहरा के महापर्व में भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन हो चुका है जहां वह भी विशेष प्रकार के त्योहार को देखी थी।
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