अरुणाचल बॉर्डर में चीनी सेना के साथ झड़प, सरकार पर सवाल खड़े?
अरुणाचल बॉर्डर में चीनी और इंडियन आर्मी के बीच झड़प देखने को मिल रहा है जिसमें डीजी के बयान ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है डीजी ने चीनी सेनाओं से परंपरागत तरीके से लड़ना कठिन बताया है।

देश। डीजी आईटीबीपी के बयान ने मोदी सरकार को निशाने में ल खड़ा कर दिया है। डीजी जहां चीन से मुकाबले में कतराते नज़र आ रहे है। तो वही दूसरी ओर केंद्र सरकार चीन से निपटने में सक्षम साबित होते नजर आती है। या तो इस बयान ने सरकार की पोल खोल दी है या फिर कुछ ओर ही मसला है।
बॉर्डर पर चीनी सेना और आर्मी आमने सामने!
बता दे कि देश में इन दिनों कुछ अलग हालात चल रहे है। अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा से लगे कई इलाकों में चीनी सेना के साथ आर्मी का आमने-सामने की स्थिति बनी हुई है। इन्हीं हालातों के चलते स्थिति गंभीर होते जा रहा है। जहां एक तरफ इसी समस्या पर बयान देते हुए डीजी दिखाई दे रहे है। जिसमें उनका मुख्य और महत्वपूर्ण बात यह था कि आर्मी के पीस तकनीकी उपकरण अधिक है इंडिया से आगे है। जिसके चलते उनसे वर्तमान समय में पूर्ण तरीके से मुकाबला करना मुश्किल है। हालांकि डीजी ने यह शॉर्ट तरीके से अपनी बात रखी डीजी ने कहा : चीन का मुकाबला हम शायद जो परंपरागत तरीके है उनसे करना अब शायद काठी है।
डीजी के बयान ने राजनीतिक माहौल गर्मा
डीजी के इस बयान से लोगो को चौंकाया ही है साथ ही साथ मोदी सरकार सवाल भी खड़े कर दिए है। जहां एक तरफ यह देखा और सुना जाता है कि हमारा देश हर परिस्थिति में लड़ने जितने में सक्षम है पर ऐसे हालातों ने हमे अस्वस्थ कर रख दिया है। यह स्थित एक कहावत की तरह प्रतीत होती है, की बोलने और करने में फर्क होता है।
चीन तकनीकी मामले ने आगे!
चीन तकनीकी मामले में निसंदेह आगे है, दरअसल चीन के पास ड्रोन जैस उपकरण है जो लड़ने में सक्षम है। वही इंडिया को भी ऐसे नए तकनीकों की जरूरत पड़ सकती है। और भी बेहतर तौर तरीकों से तकनीकी मामले में देश को मजबूत रहना होगा। डीजी के इस बयान ने एक राजनीतिक मोड ले लिए है। जिसके चलते अब विपक्षीय दल के द्वारा इस बयान पर मोदी सरकार को घेरा जा रहा है। चाहे वह बयान के माध्यम से हो या फिर x में पोस्ट के माध्यम से पर विपक्ष सवाल खड़े करते नज़र आ रहे है।
बयानों में पद से हटाने की बात सामने
कुछ के बयानों ने लोगो को चौका दिया है अब बात पद से हटाने की हो रही है जहां केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पद से हटाने की बात रखी जा रही है। इस मामले से राजनीतिक हलचल भी तेज़ हो जाए है। X पर पोस्ट कर रक्षा मंत्री पर सवाल उठाया जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के आधुनिकीकरण को कमजोर किया है और वह गंभीर और चिंता का विषय है। यह रंज कसा जा रहा है देश की सुरक्षा कोई प्रयोगशाला नहीं जहां राजनीतिक प्रचार के लिए फैसले लिए जाए। वही कांग्रेस के द्वारा यह भी आरोप लगाया जा रहा है मोदी सरकार के द्वारा बॉर्डर की वर्तमान स्थिति को छुपाया जा रहा है।
डीजी के बयान का क्या मतलब?
डीजी ने बयान में परंपरा गत तरीकों की बात कही है, जिसमें लडऩा थोड़ी चुनौती पूर्ण हो सकती है, वही अगर अन्य तरीकों की बात करे तो देश आज भी चीन पर आसानी से मजबूती से लड़ सकता है। कही न कही बयान ने राजनीतिक मोड लिया है पर यह मामला कोई राजनीति मोड लेने का नहीं बल्कि देश की शक्ति को हर उपकरणों से मजबूत करने का है, चाहे वह आधुनिकीकरण हो या फिर कुछ और। डीजी ने यह भी कहा है कि अब एक माउंटेन फाइटिंग फेस के रूप में हमे एक अलग पहचान बनानी है। आप गोरिल्ला वार की ज्यादा जरूरत नहीं है!
कही न कही बे वजह इस अमले को लेकर के राजनीति की जा रही है। जब बात की सुरक्षा पर आए तो कही न कही लोगो को एक जुट होकर के सामना करना चाहिए न कि इस पर किसी भी प्रकार का बयान बाजी या दोष देना चाहिए।




