सुआ नित्य को लेकर अमित बघेल ने की यह मांग!
बोलो तो बाजार में सुआ नित्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें अमित बघेल भी मौजूद रहे उन्होंने सुआ नित्य को लेकर सरकार की यह मांग पढ़े पूरी खबर

छत्तीसगढ़. प्रदेश के बलौदाबाजार जिला में बीते दिन छत्तीसगढ़ की पारंपरिक नित्य सुआ का सानदार प्रदर्शन हुआ। इस बीच कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल भी मौजूद रहे। आप सभी जानते है कि दीपों का पर्व दिवाली बहुत नजदीक है, ऐसे में छत्तीसगढ़ प्रदेश में हर तरफ सुआ नृत्य का अभिनय करते हमे रोज देखने को मिल रहा है। जिसमें अलग-अलग महिलाओं का एक ग्रुप बना कर के नृत्य का प्रदर्शन कर रहे है उसी कड़ी में बलौदाबाजार जिला में ऐसा ही छत्तीसगढ़ संस्कृति को लोगो तक पहुंचाने और दिखाने हेतु एक कार्यक्रम रखा गया था। जिनमें महिलाओं में पारंपरिक सुआ नृत्य को लेकर उत्साह देखने को मिलता है.
आज के समय में ग्रामीण अंचल में जब महिलाएं खेती किसानी में व्यस्त रहती है तो महिलाएं सुआ नृत्य कर आशीर्वाद प्रदान करने निकलती हैं. बलौदाबाजार के नगर भवन में दो दिवसीय सामूहिक सुआ संदेश का आयोजन किया गया। बता दे कि यह जिला स्तरीय सामूहिक सुआ नाच में बलौदाबाजार-भाटापारा के साथ-साथ राजधानी रायपुर की महिलाएं भी सम्मिलित हुई और भाग भी लिया गया था। सभी क्षेत्रों की महिलाओं ने बहुत शानदार प्रदर्शन दिया। वे अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियां से लोगो का ध्यान आकर्षित कर लिए। वही इस कार्यक्रम के चलते छत्तीसगढ़ की संस्कृति का उत्साह और भी जाग उठा और मानो छत्तीसगढ़ की पुरानी परंपराएं भी ताजा हो गई।
कार्यक्रम अमित बघेल बने मुख्य अतिथि
इस कार्यक्रम में शिरकत हुए मुख्य अतिथि के रूप में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित वा बघेल, छत्तीसगढ़ही क्रांति सेना के अध्यक्ष डॉ. अजय यादव, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत यदु और नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन शामिल हुए थे। वही इस कार्यक्रम में शिरकत हुए तमाम अतिथियों ने इस कार्यक्रम में हुए सुआ नृत्य को लेकर खूब तारीफ़ किए व छत्तीसगढ़ी संस्कृति को लेकर के शानदार बात कही है।
सुआ नित्य को लेकर बलौदाबाजार में आयोजित कर रहे आयोजक ने कहा कि सुआ नृत्य का वास्तविक समय जो होता है वह दीपावली से पहले का होता है. वही इसी को लेकर ही दिवाली से पूर्व से ही यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह नित्य का कार्यक्रम नवरात्रि के दौरान भी इस तरह के आयोजन आयोजित हो चुके है। पर इस नित्य का जो सांस्कृतिक समय जो होता है वह यही समय है और इस समय में सुआ नित्य का योजना करने से लोगो में अलग उत्साह और जोश देखने को मिलता है।
अमित बघेल सुआ नित्य को लेकर सरकार की यह मांग
इस कार्यक्रम में शिरकत किए अमित ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार को इस तरह के आयोजन कार्तिक माह से राज्योत्सव तक कराना चाहिए. वही कुछ ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपरा और संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए ऐसे आयोजन लगातार होने चाहिए. जिससे हमारी परंपरा की जानकारी सभी क्षेत्रों में हो। और आने वाली नई पीढ़ी इस परंपरा से भले भाती परिचित रहे।
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